क्या हैं उर्जा

वातावरण में ऑक्सीजन की मात्र २१% होती हैं, लेकिन अत्यधिक वायु-प्रदुषण के कारण हम बहुत कम ऑक्सीजन ग्रहण कर पाए हैं. 'उर्जा' गाय के गोबर, तिल, गुगल, चावल, हवन-सामग्री एवं गुड़ से निर्मित दीपक हैं.

'उर्जा ' को घी के साथ गायत्री मंत्र बोलते हुए प्रज्वलित किया जाता हैं. इन दो ऊष्मा और ध्वनि उर्जा के समिश्रण से भौतिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होते हैं. ये न केवल वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा को बढाता हैं बल्कि शरीरिक व्याधियों एवं बीमारियों को भी कम करता हैं.
गाय का गोबर गाय के घी के साथ मिलकर रोगकारक जीवों के विकास को रोकता हैं तथा काफी मात्र में विकिरण को कम करके वातावरण को परिष्कृत करता हैं.

प्रयोग विधि

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चरण १

रुई की बत्ती को घी में डुबो कर दीपक में रखें.

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चरण २

सूखे नारियल के ४-५ बत्ती के पास रखें.

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चरण ३

दीपक में कपूर डाले.

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चरण ४

बत्ती को प्रज्वलित करें. दीपक तैयार हैं. कपूर को पुनः डाला जा सकता हैं.

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चरण ५

घी की बुँदे थोड़ी-थोड़ी देर में डालते रहें. साथ में गायत्री मंत्र या कोए और दैवीय मंत्र बोलते रहे.

परिकल्पना

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ये महाकाल की पुकार हैं जिसने अब तक उत्पीड़ित महिलाओं को झकझोड़ा और उनकी कल्पना को उर्जा का रूप दिया तथा वो अपने असहाय था उपेक्षित स्तर से निकलकर बाहर प्रकाश में आत्मविश्वास युक्त आत्मनिर्भर स्तर तक आ सकी.

चेतनाग्राम संस्थान

चेतनाग्राम संस्थान विचार क्रांति अभियान का एक अभिन्न अंग हैं, जिसकी शुरुआत २५ मार्च, २०१५ को हुई. ये संसथान जयपुर शहर के कई हिस्सों में सक्रिय हैं. ये सामाजिक तथा आर्थिक स्तर पर पिछड़ी महिलाओं एवं बच्चों को मुफ्त शिक्षा तथा आत्मनिर्भर बनाने वालो कुटीर उद्योगों की प्रशिक्षण दे रहा हैं जिससे वे एक श्रेष्ठ जीवन जी सके.